विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026 : स्वस्थ समाज की मजबूत नींव हैं फार्मासिस्ट
दवा की उपलब्धता से लेकर उसके सुरक्षित एवं तर्कसंगत उपयोग तक फार्मासिस्ट की भूमिका अहम
प्रदीप जांगिड़, वरिष्ठ फार्मासिस्ट - कमला नेहरु स्टेट टीबी ट्रेनिंग सेंटर, अजमेर
**स्वास्थ्य सेवाओं की सफलता केवल चिकित्सकीय परामर्श और उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि सही दवा का चयन, उसकी गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण, समय पर उपलब्धता तथा मरीज द्वारा दवा के उचित उपयोग से भी जुड़ी है। इन सभी महत्वपूर्ण कड़ियों को मजबूत बनाने में फार्मासिस्ट की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी योगदान को रेखांकित करने के लिए प्रत्येक वर्ष **25 सितंबर को विश्व फार्मासिस्ट दिवस** मनाया जाता है।
वर्ष 2026 के विश्व फार्मासिस्ट दिवस की थीम **“Empowering pharmacists for healthier futures”** अर्थात **“स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्टों को सशक्त बनाना”** रखी गई है। अंतरराष्ट्रीय फार्मास्युटिकल फेडरेशन (FIP) के अनुसार बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं, गैर-संचारी रोगों में वृद्धि, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं तथा स्वास्थ्य प्रणालियों पर बढ़ते दबाव के बीच फार्मासिस्टों को आवश्यक कौशल, पहचान और कार्य-सहयोग उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है।
केवल दवा देने वाला नहीं, दवा-व्यवस्था का महत्वपूर्ण विशेषज्ञ
आमजन की धारणा में फार्मासिस्ट की भूमिका अक्सर केवल दवा उपलब्ध कराने तक सीमित समझी जाती है, जबकि वास्तविकता इससे कहीं व्यापक है। अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में फार्मासिस्ट दवाओं की **खरीद, प्राप्ति, गुणवत्ता सुनिश्चित करने, उचित भंडारण, तापमान एवं कोल्ड-चेन के रखरखाव, स्टॉक प्रबंधन, वितरण, एक्सपायरी एवं निकट-समाप्ति वाली दवाओं की निगरानी तथा दवाओं के सुरक्षित उपयोग** जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं।
विशेष रूप से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्ट यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं कि आवश्यक दवाएं सही समय पर, सही स्थान पर और उचित गुणवत्ता के साथ उपलब्ध रहें। बड़ी संख्या में मरीजों को नियमित एवं निःशुल्क अथवा सस्ती दवा उपलब्ध कराने वाली स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता में भी फार्मेसी व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मरीज की सुरक्षा में फार्मासिस्ट की अहम भूमिका
दवा उपचार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन गलत दवा, गलत मात्रा, गलत समय अथवा दवाओं के अनुचित संयोजन से मरीज को नुकसान भी हो सकता है। ऐसे में फार्मासिस्ट दवा की सही जानकारी, उचित उपयोग, संभावित दुष्प्रभाव तथा दवा से संबंधित सावधानियों के बारे में मरीज और स्वास्थ्यकर्मियों को महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर सकते हैं।
FIP ने भी 2026 में जारी अपनी नीतिगत पहल में **मरीजों की दवा-सुरक्षा, दवा संबंधी त्रुटियों को कम करने और दवाओं के सुरक्षित उपयोग** में फार्मासिस्टों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है।
बदलते समय के साथ बदल रहा है फार्मेसी का स्वरूप
आज फार्मेसी का क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। डिजिटल इन्वेंटरी मैनेजमेंट, इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड, ऑनलाइन सप्लाई चेन, दवा की ट्रैकिंग, फार्माकोविजिलेंस, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस तथा मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं ने फार्मासिस्ट की जिम्मेदारियों को और व्यापक बनाया है।
आने वाले समय में फार्मासिस्ट केवल दवा वितरण तक सीमित न रहकर **दवा-सुरक्षा, मरीज शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता, उपचार में सहयोग तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने** में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। FIP ने भी इस वर्ष फार्मासिस्टों को स्वास्थ्य प्रणालियों में उनकी विशेषज्ञता के अनुरूप बेहतर ढंग से एकीकृत करने तथा शिक्षा एवं कौशल में निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया है।
स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाने का संकल्प
विश्व फार्मासिस्ट दिवस केवल फार्मासिस्टों के योगदान को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह संकल्प लेने का दिन भी है कि दवाओं के क्षेत्र में **गुणवत्ता, पारदर्शिता, उपलब्धता और मरीज की सुरक्षा** को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
आज आवश्यकता इस बात की है कि फार्मासिस्टों की विशेषज्ञता का स्वास्थ्य व्यवस्था में अधिक प्रभावी उपयोग किया जाए तथा उन्हें आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधनों से सशक्त बनाया जाए। इससे न केवल फार्मेसी पेशे को नई दिशा मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों के उपचार के परिणामों में भी सुधार आएगा।
**विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026 का संदेश स्पष्ट है—सशक्त फार्मासिस्ट, सुरक्षित दवा व्यवस्था और स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण कड़ी हैं।**
**“दवा की हर खुराक के पीछे ज्ञान, जिम्मेदारी और सुरक्षा का संकल्प—यही फार्मासिस्ट की पहचान है।”**
स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्टों को सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है ।
स्टोर कीपर कम फार्मासिस्ट ग्रेड-I, राज्य टीबी डेमोंस्ट्रेशन एंड ट्रेनिंग सेंटर, अजमेर के *प्रदीप कुमार जांगिड़* ने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी के उपचार में दवाओं की समय पर उपलब्धता, उचित भंडारण और मरीज को निर्धारित अवधि तक नियमित दवा लेने के लिए प्रेरित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा, “टीबी की दवा तभी प्रभावी होगी जब मरीज पूरा उपचार नियमित रूप से करे। फार्मासिस्ट दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ मरीज तक सही दवा, सही जानकारी और सही संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”

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